डॉ. के. कस्तूरीरंगन | Dr. K. Kasturirangan

October 23, 2026
डॉ. के. कस्तूरीरंगन | Dr. K. Kasturirangan | 24 October 1940 – 25 April 2025

डॉ. के. कस्तूरीरंगन भारत के एक महान वैज्ञानिक और शिक्षाविद् थे, जिन्होंने देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे और उन्होंने देश की अंतरिक्ष यात्रा के साथ-साथ शिक्षा नीति में भी बड़ा बदलाव किया।

डॉ. के. कस्तूरीरंगन जीवनी (Dr. K. Kasturirangan Biography)

नाम डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन (Dr. Krishnaswamy Kasturirangan)
ख्याति / उपाधि प्रसिद्ध भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक, इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद्
जन्म तिथि 24 अक्टूबर 1940
जन्म स्थान एरणाकुलम, कोचीन रियासत, ब्रिटिश भारत (वर्तमान केरल, भारत)
पिता वी. के. कृष्णस्वामी
माता विशालक्षी
करियर / वैज्ञानिक व शैक्षणिक योगदान मुंबई विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक एवं स्नातकोत्तर (M.Sc.); भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद से प्रायोगिक उच्च ऊर्जा खगोल भौतिकी में डॉक्टरेट (Ph.D.); 1971 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े; भारत के पहले स्वदेशी उपग्रहों 'आर्यभट्ट', 'भास्कर-I और II' के विकास में प्रमुख भूमिका; 1994 से 2003 तक नौ वर्षों तक इसरो के अध्यक्ष रहे; उनके कार्यकाल में पीएसएलवी (PSLV) और जीएसएलवी (GSLV) रॉकेटों का सफल विकास हुआ तथा भारत के पहले चंद्र मिशन 'चंद्रयान-1' और मंगल ग्रह के अध्ययन की रूपरेखा तैयार हुई; योजना आयोग के सदस्य (2004-2009), राज्यसभा के मनोनीत सांसद (2003-2009) तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के चांसलर रहे; देश की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रारूप समिति के अध्यक्ष; पद्म श्री (1982), पद्म भूषण (1992) और पद्म विभूषण (2000) से सम्मानित
पत्नी लक्ष्मी कस्तूरीरंगन
संतान 2 पुत्रियाँ
निधन 25 अप्रैल 2025 (बेंगलुरू, कर्नाटक)

पारिवारिक जीवन और पृष्ठभूमि

उनका जन्म 24 अक्टूबर 1940 को केरल के एर्नाकुलम जिले में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा दक्षिण भारत में ही हुई और उन्होंने भौतिकी (Physics) में मास्टर्स करने के बाद भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद से प्रायोगिक उच्च ऊर्जा खगोल भौतिकी में डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री हासिल की। उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके बच्चे हैं, जिन्होंने हमेशा उनके वैज्ञानिक सफर और व्यस्त जीवन में उन्हें पूरा सहयोग दिया।

कार्य जीवन और विज्ञान की दुनिया

डॉ. कस्तूरीरंगन ने अपने करियर की शुरुआत एक वैज्ञानिक के रूप में की और वे भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह 'आर्यभट्ट' के प्रोजेक्ट से लेकर 'भास्कर', 'रोहिणी' और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) के विकास से जुड़े रहे। उन्होंने साल 1994 से 2003 तक पूरे नौ साल तक इसरो के अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली और इस दौरान भारत ने पीएसएलवी और जीएसएलवी जैसी तकनीकों में महारत हासिल की, साथ ही चंद्रयान-1 और मंगलयान जैसे अभियानों की नींव भी उन्हीं के कार्यकाल में मजबूत हुई।

इसरो, उपलब्धियां और सम्मान

इसरो के प्रमुख रहते हुए उन्होंने देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया और दुनिया के चुनिंदा अंतरिक्ष राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। विज्ञान और शिक्षा में उनके इन अनमोल योगदानों के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के तीनों सर्वोच्च नागरिक सम्मान—1982 में पद्म श्री, 1992 में पद्म भूषण और 2000 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में भी देश की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा दी।

संपूर्ण जीवन और विरासत

उनका पूरा जीवन विज्ञान, अनुशासन और राष्ट्र सेवा को समर्पित रहा, जिससे उन्होंने देश की तकनीकी और शैक्षणिक दोनों दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी। 25 अप्रैल 2025 को इस महान वैज्ञानिक का निधन हुआ, लेकिन उनके द्वारा गढ़े गए अंतरिक्ष के सपने और शिक्षा के सुधार हमेशा देश की तरक्की का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे।

इसरो के अध्यक्ष – List of ISRO Chairperson

क्रमांक अध्यक्ष का नाम कार्यकाल प्रमुख उपलब्धियां
1 डॉ. विक्रम साराभाई
Dr. Vikram Sarabhai
1963 - 1971 भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक; INCOSPAR की स्थापना।
Father of the Indian Space Program; founded INCOSPAR.
2 प्रो. एम. जी. के. मेनन
Prof. M. G. K. Menon
Jan 1972 - Sep 1972 अंतरिम अध्यक्ष; कॉस्मिक किरणों पर शोध।
Interim Chairman; research in cosmic rays.
3 प्रो. सतीश धवन
Prof. Satish Dhawan
1972 - 1984 सबसे लंबा कार्यकाल (12 वर्ष); SLV-3 और INSAT प्रणाली की शुरुआत।
Longest-serving chief (12 years); led SLV-3 and INSAT system.
4 प्रो. यू. आर. राव
Prof. U. R. Rao
1984 - 1994 'आर्यभट्ट' का नेतृत्व और PSLV के विकास की नींव रखी।
Led Aryabhata satellite and initiated PSLV development.
5 डॉ. के. कस्तूरीरंगन
Dr. K. Kasturirangan
1994 - 2003 PSLV को पूरी तरह से चालू किया और GSLV का विकास किया।
Operationalized PSLV and developed GSLV.
6 जी. माधवन नायर
G. Madhavan Nair
2003 - 2009 भारत के पहले चंद्र मिशन 'चंद्रयान-1' का सफल संचालन।
Successfully led India's first lunar mission, Chandrayaan-1.
7 डॉ. के. राधाकृष्णन
Dr. K. Radhakrishnan
2009 - 2014 ऐतिहासिक 'मंगलयान' (Mars Orbiter Mission) का नेतृत्व।
Led the historic Mars Orbiter Mission (Mangalyaan).
- डॉ. शैलेश नायक
Dr. Shailesh Nayak
1 Jan 2015 - 12 Jan 2015 अंतरिम अध्यक्ष।
Interim Chairman.
8 ए. एस. किरण कुमार
A. S. Kiran Kumar
2015 - 2018 NavIC नेविगेशन प्रणाली और रिकॉर्ड उपग्रह प्रक्षेपण।
Deployed NavIC navigation system and record multi-satellite launches.
9 डॉ. के. सिवन
Dr. K. Sivan
2018 - 2022 चंद्रयान-2 मिशन और गगनयान कार्यक्रम की शुरुआत।
Oversaw Chandrayaan-2 and initiated Gaganyaan program.
10 डॉ. एस. सोमनाथ
Dr. S. Somanath
2022 - 2025 चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग और आदित्य-L1 मिशन।
Spearheaded Chandrayaan-3 lunar landing and Aditya-L1 solar mission.
11 डॉ. वी. नारायणन
Dr. V. Narayanan
2025 - Present भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) और गगनयान मिशनों का नेतृत्व।
Leading Bharatiya Antariksha Station (BAS) and Gaganyaan projects.

FAQ

पीएसएलवी (PSLV) और जीएसएलवी (GSLV) विकास कार्यक्रम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)

पद्म विभूषण।