सुनील भारती मित्तल भारत के जाने-माने उद्योगपति और टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के संस्थापक हैं, जिन्होंने देश में मोबाइल क्रांति लाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्हें भारत में दूरसंचार उद्योग को घर-घर तक पहुंचाने और एक साधारण कारोबारी से देश के शीर्ष उद्यमियों में शामिल होने वाले प्रेरणादायक नेता के रूप में जाना जाता है।
| नाम | सुनील भारती मित्तल (Sunil Bharti Mittal) |
| ख्याति / पद | प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति, परोपकारी, भारती एंटरप्राइजेज (Bharti Enterprises) के संस्थापक एवं अध्यक्ष |
| जन्म तिथि | 23 अक्टूबर 1957 |
| जन्म स्थान | लुधियाना, पंजाब, भारत |
| पिता | सतपाल मित्तल (पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता) |
| माता | ललिता मित्तल |
| करियर / व्यावसायिक यात्रा | 1976 में पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक; मात्र 18 वर्ष की आयु में 20,000 रुपये की पूंजी से साइकिल के पुर्जे बनाने का पहला व्यवसाय शुरू किया; 1980 के दशक में पोर्टेबल जनरेटर के आयात और 'बीटल' (Beetel) ब्रांड के नाम से देश के पहले पुश-बटन फोन का निर्माण किया; 1995 में 'एयरटेल' (Airtel) ब्रांड के तहत दिल्ली में मोबाइल सेवाएं शुरू कीं; दूरसंचार में क्रांतिकारी 'मिनट फैक्ट्री' (आउटसोर्सिंग) मॉडल की नींव रखी; एयरटेल को भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल कराया तथा 18 से अधिक देशों (एशिया व अफ्रीका) में व्यापार विस्तार किया; इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के अध्यक्ष (2016-2018) रहे; भारती फाउंडेशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की; भारत सरकार द्वारा 2007 में व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में 'पद्म भूषण' से सम्मानित |
| पत्नी | नैना मित्तल (Nyna Mittal) |
| संतान | 3 संतान — 1 पुत्री (ईशा मित्तल) एवं 2 जुड़वां पुत्र (कविन भारती मित्तल — 'हाइक' के संस्थापक, और शर्विन भारती मित्तल) |
उनका जन्म 23 अक्टूबर 1957 को पंजाब के लुधियाना में एक राजनीतिक और व्यवसायी परिवार में हुआ था—उनके पिता सत पॉल मित्तल एक सांसद रह चुके थे। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई शिमला के लौरेंस स्कूल से पूरी करने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उनके परिवार में उनकी पत्नी नैना मित्तल और उनके बच्चे (कविन, श्लोक और अरिहंत) हैं, जो उनके पारिवारिक जीवन और व्यवसाय से जुड़े हैं।
वेनबर्ग एलन स्कूल और सिंधिया स्कूल से आरम्भिक शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् उन्होंने सन् 1976 में पंजाब विश्वविद्यालय से कला व विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
सुनील मित्तल की उद्यमशीलता यात्रा 1980 के दशक की शुरुआत में शुरू हुई जब उन्होंने साइकिल पार्ट्स बेचने का एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद उन्होंने ‘भारती एंटरप्राइजेज’ कंपनी की स्थापना 1976 में स्थापित की।
वर्तमान में सुनील मित्तल भारत के इस प्रमुख व्यापारिक समूहों में से एक, भारती एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष हैं। भारती एंटरप्राइजेज की दूरसंचार, खुदरा, वित्तीय सेवाओं और अन्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है। एयरटेल की न केवल भारत में बल्कि कई अन्य देशों में भी व्यापक उपस्थिति है। मित्तल के नेतृत्व में, एयरटेल ने विश्व स्तर पर अपने परिचालन का विस्तार किया, और दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों में से एक बन गया।
सुनील मित्तल को अपने पूरे करियर में कई पुरस्कार और सम्मान मिले। वर्ष 2007 में उन्हे भारत सरकार के द्वारा पद्मा भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 15 जून 2016 को, उन्हें इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। इसके अलावा, उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, और वे आज भी देश के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में गिने जाते हैं।