शम्मी कपूर (21 अक्टूबर 1931 – 14 अगस्त 2011) हिंदी सिनेमा के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। वे अपने जोशीले डांस, शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और अनोखे अंदाज़ के लिए जाने जाते थे, जिसकी वजह से दर्शकों ने उन्हें "याहू!" (Yahoo!) का निकनेम दिया था।
| नाम | शम्मी कपूर (Shammi Kapoor) |
| पूरा नाम | शमशेर राज कपूर (Shamsher Raj Kapoor) |
| उपनाम | "याहू स्टार", "भारत के एल्विस प्रेस्ली" (Elvis Presley of India), बॉलीवुड के पहले डांसिंग सुपरस्टार |
| जन्म तिथि | 21 अक्टूबर 1931 |
| जन्म स्थान | मुंबई, महाराष्ट्र, ब्रिटिश भारत |
| पिता | पृथ्वीराज कपूर (दिग्गज अभिनेता एवं रंगकर्मी) |
| माता | रामसरनी कपूर |
| करियर / कार्यक्षेत्र | पारिवारिक थिएटर 'पृथ्वी थिएटर्स' से अभिनय की शुरुआत; फिल्म 'जीवन ज्योति' (1953) से फिल्मी सफर का आगाज; 1950 और 1960 के दशक में 'तुमसा नहीं देखा' (1957), 'दिल देना दिल लेना', 'जंगली', 'प्रिंस', 'कश्मीर की कली', 'तीसरी मंजिल', 'एन इवनिंग इन पेरिस', 'ब्रह्मचारी' जैसी सुपरहिट फिल्मों से अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की; अपनी अनूठी और ऊर्जावान नृत्य शैली (Free-style Dancing) के लिए अमर हुए; सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार ('ब्रह्मचारी') तथा फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित; इंटरनेट और कंप्यूटर तकनीक के शुरुआती दौर में भारत में 'इंटरनेट यूजर्स क्लब ऑफ इंडिया' के संस्थापक और अध्यक्ष रहे |
| पत्नी | गीता बाली (प्रसिद्ध अभिनेत्री — विवाह: 1955, निधन: 1965) नीला देवी (विवाह: 1969) |
| संतान | 2 संतान (गीता बाली से) — 1 पुत्र (आदित्य राज कपूर) एवं 1 पुत्री (कंचन कपूर) |
| निधन | 14 अगस्त 2011 (मुंबई, महाराष्ट्र) |
फिल्मों में आने से पहले, शम्मी ने शुरुआत में अपने पिता द्वारा शुरू किए गए पृथ्वी थिएटर के साथ काम किया।
शम्मी कपूर ने 'जीवन ज्योति' (1953) फिल्म से डेब्यू किया। उनकी शुरुआती फिल्मों ने उन्हें बड़ा स्टार नहीं बनाया, और शुरू में उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। 1950 के दशक के आखिर में उनके करियर में ज़बरदस्त बदलाव आया। इन फिल्मों ने:
उन्हें बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार्स में से एक के तौर पर स्थापित किया।
"याहू!" (Yahoo!) का दौर
'जंगली' (1961) में उनकी परफॉर्मेंस एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई। "याहू! चाहे कोई मुझे जंगली कहे" गाना आइकॉनिक बन गया और इसने उनके बेबाक और बेफिक्र स्क्रीन अंदाज़ को बखूबी दिखाया।
अपने दौर के शांत और संयमित रोमांटिक हीरो के उलट, शम्मी कपूर ने अपनी परफॉर्मेंस में एक अनोखा और जोशीला अंदाज़ पेश किया। उनके सहज और भावपूर्ण डांस ने उन्हें युवा दर्शकों के बीच खास तौर पर लोकप्रिय बना दिया।
वे पारंपरिक कोरियोग्राफी पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहने के बजाय, खुद के कई जोशीले डांस मूव्स करने के लिए भी जाने जाते थे।
शम्मी कपूर की निजी ज़िंदगी
शम्मी कपूर ने 1955 में एक्ट्रेस गीता बाली से शादी की। उनके दो बच्चे थे:
- आदित्य राज कपूर
- कंचन
गीता बाली का 1965 में सिर्फ़ 35 साल की उम्र में निधन हो गया।
बाद में शम्मी ने 1969 में नीला देवी से शादी की।
उम्र बढ़ने के साथ, शम्मी कपूर ने मुख्य भूमिकाओं से हटकर चरित्र और सहायक भूमिकाएँ निभानी शुरू कर दीं। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें शामिल हैं:
उन्होंने अपने जीवन के आखिरी सालों तक फिल्मों में काम करना जारी रखा।
दिलचस्प बात यह है कि शम्मी कपूर भारत में इंटरनेट और टेक्नोलॉजी के शुरुआती शौकीनों में से एक थे। उन्होंने 'इंटरनेट यूज़र्स क्लब ऑफ़ इंडिया' (IUCI) की स्थापना की और भारत के शुरुआती इंटरनेट समुदाय से जुड़े रहे। उस दौर के किसी बॉलीवुड स्टार के लिए यह काफी अनोखी बात थी।
शम्मी कपूर लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे और कई सालों तक उनका डायलिसिस चला। 14 अगस्त 2011 को मुंबई में 79 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।