रमन सिंह - Raman Singh

October 15, 2023
रमन सिंह - Raman Singh

रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ और कद्दावर नेता हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वे अपनी सौम्य और शांत छवि के लिए जाने जाते हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ में पार्टी को मजबूत करने वाला मुख्य स्तंभ माना जाता है।

रमन सिंह जीवनी (Raman Singh Biography)

नाम डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh)
ख्याति / पद वरिष्ठ भारतीय राजनेता, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री (तीन कार्यकाल) एवं वर्तमान छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष
जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1952
जन्म स्थान कवर्धा, मध्य प्रदेश (वर्तमान छत्तीसगढ़)
पिता विघ्नहर्ता सिंह ठाकुर
माता सुभद्रा देवी
करियर / राजनीतिक यात्रा

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में स्नातक (B.A.M.S.);
जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा से राजनीतिक जीवन की शुरुआत;
कवर्धा से मध्य प्रदेश विधानसभा के विधायक (1990 और 1993);
1999 में 13वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए;
वाजपेयी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (वाणिज्य एवं उद्योग);
दिसंबर 2003 में छत्तीसगढ़ के दूसरे मुख्यमंत्री बने और लगातार 15 वर्षों (2003 से 2018 तक) तक राज्य का कुशल नेतृत्व किया;
अपने कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) सुधार, सुदूर बस्तर में विकास कार्यों और 'धान के कटोरे' के रूप में छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विख्यात;
दिसंबर 2023 से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष

पत्नी वीणा सिंह (विवाह: 1975)
संतान 2 संतान — 1 पुत्र (डॉ. अभिषेक सिंह — पूर्व सांसद) एवं 1 पुत्री (डॉ. अलका सिंह)

उनका जन्म 15 अक्टूबर 1952 को छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कवर्धा से पूरी करने के बाद रायपुर के सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज से बी.ए.एम.एस. की डिग्री हासिल की और पेशे से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक (डॉक्टर) रहे हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी वीणा सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह हैं, जो खुद भी राजनीति में सक्रिय रह चुके हैं और सांसद रह चुके हैं।

रमन सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक आम कार्यकर्ता के रूप में जनसंघ और फिर बीजेपी से की थी। वे युवा मोर्चा से जुड़े और 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद वे 1999 में राजनांदगांव से लोकसभा सांसद बने और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (वाणिज्य और उद्योग) का पद संभाला। जब 2003 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना और वहां चुनाव हुए, तो वे साल 2003 से लेकर 2018 तक लगातार तीन बार यानी 15 साल तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में राज्य में धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का सफल मॉडल और बस्तर जैसे इलाकों में सड़क-विकास के कार्यों को काफी सराहा गया।

अपने लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने लगातार जनसेवा के जरिए अपनी अमिट छाप छोड़ी है और वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे बड़े पदों पर भी काम कर चुके हैं। प्रशासनिक दक्षता और जनता के बीच अपनी सरल व मिलनसार छवि के कारण वे आज भी छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बेहद सम्मानित और केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।

FAQ

मुख्यमंत्री (15 वर्ष, 2003 से 2018 तक)

आयुर्वेदिक चिकित्सक (आयुर्वेदिक डॉक्टर)