ओम पुरी (Om Puri) भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के एक ऐसे दिग्गज और प्रभावशाली अभिनेता थे, जिन्होंने अपनी गंभीर आवाज और स्वाभाविक अभिनय से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। समानांतर (आर्ट) सिनेमा से लेकर मुख्यधारा की फिल्मों और हॉलीवुड तक, उन्होंने हर तरह की भूमिकाओं को बेहद शिद्दत और सहजता से निभाया।
| नाम | ओम पुरी (Om Puri) |
| पूरा नाम | ओम प्रकाश पुरी (Om Prakash Puri) |
| ख्याति / पेशा | दिग्गज भारतीय फिल्म अभिनेता (समानांतर व मुख्यधारा सिनेमा तथा अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के प्रख्यात कलाकार) |
| जन्म तिथि | 18 अक्टूबर 1950 |
| जन्म स्थान | अंबाला, पंजाब (वर्तमान हरियाणा), भारत |
| पिता | टेकचंद पुरी (रेलवे एवं सेना में सेवारत) |
| माता | तारा देवी |
| करियर / कार्यक्षेत्र | राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD, 1973 बैच) और भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII, पुणे) के पूर्व छात्र; मराठी फिल्म 'घाशीराम कोटवाल' (1976) से अभिनय की शुरुआत; 'आक्रोश' (1980), 'आरोहण' (1982), 'अर्ध सत्य' (1982), 'जाने भी दो यारों' (1983), 'मिर्च मसाला' (1986), 'माचिस' (1996) जैसी कलात्मक व समानांतर फिल्मों में अद्वितीय अभिनय; 'अर्ध सत्य' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार; हॉलीवुड एवं ब्रिटिश फिल्मों में शानदार अभिनय ('सिटी ऑफ़ जॉय', 'वल्फ', 'ईस्ट इज़ ईस्ट' — जिसके लिए बाफ्टा (BAFTA) पुरस्कार नामांकन प्राप्त हुआ); भारत सरकार द्वारा पद्म श्री (1990) तथा ब्रिटेन द्वारा ऑर्डर ऑफ़ द ब्रिटिश एम्पायर (OBE) की मानद उपाधि से सम्मानित |
| पत्नी | सीमा कपूर (विवाह: 1991 — थोड़े समय पश्चात अलगाव) नंदिता पुरी (पत्रकार एवं लेखिका — विवाह: 1993, बाद में अलगाव) |
| संतान | 1 पुत्र — ईशान पुरी (नंदिता पुरी से) |
| निधन | 6 जनवरी 2017 (अंधेरी, मुंबई, महाराष्ट्र) |
ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 को हरियाणा के अंबाला में एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन में उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा, लेकिन एक्टिंग के प्रति उनके जुनून ने उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और फिर फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) तक पहुंचाया, जहां से उनके हुनर को निखार मिला। पारिवारिक जीवन में उनका विवाह सीमा कपूर और बाद में नंदिता पुरी से हुआ, और उनके बेटे का नाम ईशान पुरी है।
ओम पुरी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1976 की मराठी फिल्म 'घाशीराम कोतवाल' से की थी, लेकिन 1980 के दशक में 'आक्रोश', 'अर्ध सत्य', 'जाने भी दो यारो', 'पार' और 'मिर्च मसाला' जैसी फिल्मों से वे एक स्थापित और जबरदस्त अभिनेता के रूप में उभरे। 'अर्ध सत्य' में एक ईमानदार और तंगहाल पुलिस अफसर की उनकी भूमिका को आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में गिना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने 'गांधी', 'द हंड्रेड-फुट जर्नी' और 'ईस्ट इज ईस्ट' जैसी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करके वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई।
ओम पुरी ने 1976 में फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ से अपने करियर की शुरुआत की। उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं
उन्होंने हॉलीवुड में भी काम किया, जैसे
ओम पुरी का विवाह नंदिता पुरी से हुआ, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया।
सिनेमा जगत में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें दो बार 'राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार' (सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) और 1990 में भारत सरकार द्वारा 'पद्म श्री' सम्मान से नवाजा गया, साथ ही ब्रिटेन में 'ऑनररी ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' (OBE) से भी सम्मानित किया गया। 6 जनवरी 2017 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, लेकिन अपनी बेहतरीन अदाकारी और दमदार आवाज के जरिए वे आज भी हर सिनेमा प्रेमी की यादों में जिंदा हैं।
6 जनवरी 2017 को ओम पुरी का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ।
ओम पुरी अपनी अद्भुत अभिनय क्षमता और सामाजिक मुद्दों पर मुखर होने के कारण हमेशा याद किए जाएंगे। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिट है।