अशोक कुमार भारतीय सिनेमा के पहले महानायक और 'दादामुनि' के रूप में जाने जाने वाले महान अभिनेता थे, जिन्होंने अपने बेमिसाल अभिनय से सात दशकों से ज्यादा समय तक फिल्मी दुनिया पर राज किया। वे भारतीय पर्दे पर हीरो से लेकर चरित्र और खलनायक की भूमिकाओं को जीवंत करने वाले एक ऐसे सदाबहार कलाकार थे, जिनकी सादगी और अभिनय के आज भी करोड़ों दीवाने हैं।
| नाम | अशोक कुमार (Ashok Kumar) |
| मूल नाम | कुमुदलाल गांगुली (Kumudlal Ganguly) |
| उपनाम / उपाधि | "दादा मुनि" (Dadamuni), भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार |
| जन्म तिथि | 13 अक्टूबर 1911 |
| जन्म स्थान | भागलपुर, बंगाल प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत (वर्तमान बिहार) |
| पिता | कुंजलाल गांगुली (वकील) |
| माता | गौरी देवी |
| पत्नी | शोभा देवी (विवाह: 1936) |
| संतान | 4 संतान - 1 पुत्र (रूप गांगुली) एवं 3 पुत्रियाँ (भारती पटेल, रूपा गांगुली और प्रीति गांगुली - अभिनेत्री) |
| निधन | 10 दिसंबर 2001 (मुंबई, महाराष्ट्र) |
उनका जन्म 13 अक्टूबर 1911 को बिहार के भागलपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था, लेकिन उनका बचपन और शुरुआती जीवन झारखंड के जमशेदपुर में बीता। उनका असली नाम कुमुदलाल गांगुली था, और प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार तथा अनूप कुमार उनके छोटे भाई थे। पारिवारिक जीवन में वे अपने मिलनसार और बुजुर्गवार स्वभाव के कारण पूरे परिवार की धुरी रहे, और उनके भाई भी फिल्म जगत में उन्हीं के नक्शेकदम पर चले।
अशोक कुमार ने अपने करियर की शुरुआत बॉम्बे टॉकीज में एक लैब तकनीशियन के रूप में की थी, लेकिन किस्मत उन्हें कैमरे के सामने ले आई और उन्होंने 1936 की फिल्म 'जीवन नैया' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की। 'अछूत कन्या', 'किस्मत', 'परिणीता', 'ज्वेल थीफ' और 'खूबसूरत' जैसी यादगार फिल्मों में काम करके उन्होंने अपनी जबरदस्त अदाकारी का लोहा मनवाया। इसके अलावा, उन्होंने फिल्मों में गानों की शुरुआत खुद करके एक नया ट्रेंड भी सेट किया था और टीवी की दुनिया में भी 'हम लोग' जैसे धारावाहिक के सूत्रधार बनकर खूब सुर्खियां बटोरीं।
सिनेमा जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें साल 1988 में भारतीय फिल्म जगत के सबसे बड़े सम्मान 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' और 1999 में 'पद्म भूषण' से नवाजा गया। 10 दिसंबर 2001 को इस महान कलाकार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन भारतीय सिनेमा के इतिहास में उनका योगदान और उनका 'दादामुनि' वाला अंदाज हमेशा अमर रहेगा।