अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती जयंती, जिसे 'श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जयंती' के नाम से भी जाना जाता है, आध्यात्मिक गुरु और सत्संग आंदोलन के संस्थापक श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र की जयंती के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।
श्री अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती के बारे में जानकारी
| पूरा नाम | श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती |
| जन्म | 14 सितंबर 1888 |
| जन्म स्थान | हिमायतपुर, पबना, वर्तमान बांग्लादेश |
| पेशे | आध्यात्मिक गुरु, चिकित्सक |
| आंदोलन | सत्संग |
| मुख्य केंद्र | सत्संग आश्रम, देवघर, झारखंड |
| निधन | 27 जनवरी 1969 |
| किसलिए जाने जाते हैं | आध्यात्मिक शिक्षाएं, चरित्र निर्माण और मानवता की सेवा |
श्री अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती की शिक्षाएं और दर्शन
❀ ईश्वर के प्रति प्रेम और भक्ति
❀ आध्यात्मिक गुरु के प्रति आस्था और आज्ञाकारिता
❀ आत्म-अनुशासन और चरित्र निर्माण
❀ मानवता की सेवा
❀ पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का सम्मान
❀ मानवीय क्षमता का उत्थान और विकास
❀ लोगों और समुदायों के बीच सद्भाव
समाज में योगदान
अनुकूलचंद्र ने सामाजिक कल्याण के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, उद्योग और सामुदायिक विकास पर जोर दिया। सत्संग संगठन ने समाज की सेवा करने और उनके आदर्शों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई संस्थानों और गतिविधियों का विकास किया।
श्री अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती का महत्व
अनुकूलचंद्र चक्रवर्ती ने सिखाया कि आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ जिम्मेदार और दयालु जीवन भी जीना चाहिए। इसलिए, सत्संग परंपरा के अनुयायियों द्वारा उनकी जयंती को एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसर के रूप में मनाया जाता है।