विश्व नारियल दिवस हर साल 2 सितंबर को मनाया जाता है। इसे 'एशियन एंड पैसिफिक कोकोनट कम्युनिटी' ने नारियल के महत्व को पहचानते हुए शुरू किया था, क्योंकि नारियल आजीविका, खाद्य सुरक्षा, पोषण और नारियल उत्पादन करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। इसे 2009 से हर साल मनाया जा रहा है।
विश्व नारियल दिवस का महत्व
❀ नारियल किसानों और नारियल उद्योग का सम्मान करना।
❀ नारियल के पोषण, आर्थिक और पर्यावरणीय फायदों को बढ़ावा देना।
❀ इनोवेशन और नारियल से बने वैल्यू-एडेड उत्पादों को बढ़ावा देना।
❀ नारियल की टिकाऊ खेती के बारे में जागरूकता बढ़ाना।
विश्व नारियल दिव पर होने वाले आयोजन
❀ किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और वर्कशॉप।
❀ नारियल से बने उत्पादों की प्रदर्शनी।
❀ पेड़ लगाने के अभियान।
❀ नारियल की रेसिपी वाली कुकिंग प्रतियोगिताएं।
❀ नारियल पानी, नारियल तेल और नारियल के अन्य उत्पादों के फायदों के बारे में स्वास्थ्य और पोषण अभियान।
नारियल के बारे में दिलचस्प बात:
नारियल के पेड़ के हर हिस्से का इस्तेमाल किया जा सकता है—फल और पानी से लेकर पत्तियां, छिलका, कठोर खोल और तना तक—इसीलिए कई संस्कृतियों में इसे "जीवन का पेड़" (Tree of Life) कहा जाता है।