भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के तीसरे मुख्यमंत्री रहे हैं। उनका जन्म 23 अगस्त 1960 में हुआ था। भूपेश बघेल का जन्म एक कृषक कुर्मी परिवार में हुआ था। उनके पिता नंद कुमार बघेल एक किसान और सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने किसान अधिकारों और सामाजिक मुद्दों के लिए आवाज उठाई। बचपन से ही कृषि और ग्रामीण परिवेश से जुड़े रहने के कारण उनमें किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रति गहरा लगाव विकसित हुआ, जो बाद में उनकी नीतियों में भी झलका।
वह 2014 से 2019 तक छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष थे। वह 1999 से 2003 तक दिग्विजय सिंह सरकार में अविभाजित मध्य प्रदेश में परिवहन मंत्री रहे थे। वह छत्तीसगढ़ के पहले राजस्व, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और राहत कार्य मंत्री थे।
| जन्म तिथि | 23 अगस्त 1961 |
| जन्म स्थान | पाटन, दुर्ग जिला, छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्य प्रदेश) |
| पिता का नाम | नंद कुमार बघेल (Nand Kumar Baghel) |
| माता का नाम | बिंदेश्वरी बघेल (Bindeshwari Baghel) |
| पत्नी का नाम | मुक्तेश्वरी बघेल (Mukteshwari Baghel) |
| राजनीतिक दल | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) |
| मुख्य पद | छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री (2018 - 2023) |
| विधानसभा क्षेत्र | पाटन (Patan) |
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख राजनेता हैं, जिन्होंने अपने सरल स्वभाव, जमीनी जुड़ाव और किसान हितैषी नीतियों के कारण राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। 2018 में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी को भारी बहुमत से जीत दिलाई और राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री बने। राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना जैसी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं।
भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन गाँव में हुआ। वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव में ही हुई और आगे की पढ़ाई उन्होंने दुर्ग से पूरी की। किसानों और ग्रामीण जीवन से गहरा जुड़ाव होने के कारण उनकी सोच और कार्यशैली में हमेशा ग्रामीण विकास की झलक दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल ने किसानों, आदिवासियों और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएँ शुरू कीं।
भूपेश बघेल अपनी सादगी, स्पष्टवादिता और जनसंपर्क के लिए जाने जाते हैं। वे हमेशा किसानों और ग्रामीण जनता की आवाज़ उठाते हैं। उनका नेतृत्व छत्तीसगढ़ को एक प्रगतिशील, कृषि-आधारित और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा है।
भूपेश बघेल न केवल एक सफल राजनेता हैं, बल्कि वे एक जनसेवक भी हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ की राजनीति को नई दिशा दी। उनकी नीतियों में आमजन की भलाई और सामाजिक न्याय की झलक मिलती है। वे आज भी भारतीय राजनीति में एक सशक्त और प्रभावशाली नेता के रूप में देखे जाते हैं।