वीरेन्द्र सहवाग (Virender Sehwag) एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट करियर और उनका व्यक्तित्व उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अद्वितीय स्थान देता है। उनकी खेल शैली, रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ उन्हें युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाती हैं।
| नाम | वीरेन्द्र सहवाग (Virender Sehwag) |
| उपनाम / उपाधि | "नजफगढ़ का नवाब", "मुल्तान का सुल्तान", "वीरू" |
| ख्याति / पेशा | दिग्गज भारतीय क्रिकेटर (विस्फोटक सलामी बल्लेबाज) एवं क्रिकेट कमेंटेटर |
| जन्म तिथि | 20 अक्टूबर 1978 |
| जन्म स्थान | दिल्ली, भारत |
| पिता | किशन सहवाग |
| माता | कृष्णा सहवाग |
| करियर / कार्यक्षेत्र | 1999 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण; टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक (309 बनाम पाकिस्तान और 319 बनाम दक्षिण अफ्रीका) जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज; टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तिहरे शतक का रिकॉर्ड; भारत के लिए 104 टेस्ट, 251 एकदिवसीय (ODI) और 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले; टेस्ट क्रिकेट में 82.23 का ऐतिहासिक स्ट्राइक रेट; 2007 टी20 विश्व कप और 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम के प्रमुख सदस्य; आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी; अर्जुन पुरस्कार (2002) तथा पद्म श्री (2010) से सम्मानित |
| पत्नी | आरती अहलावत (विवाह: 22 अप्रैल 2004) |
| संतान | 2 पुत्र — आर्यवीर सहवाग एवं वेदांत सहवाग |
जन्म और परिवार
वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को नजफगढ़, दिल्ली में हुआ। उनका परिवार एक मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से है। उनके पिता, किशन सहवाग एक व्यापारी थे, और उनकी माँ, कृष्णा सहवाग एक गृहिणी हैं।
शिक्षा और क्रिकेट में रुचि
सहवाग ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के स्कूल से की। उन्होंने बचपन से ही क्रिकेट में रुचि दिखाई और स्थानीय क्लबों में खेलना शुरू किया।
राज्य स्तर
सहवाग ने हरियाणा के लिए खेलते हुए राज्य स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। उनकी असाधारण बल्लेबाजी कौशल ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में स्थान दिलाने में मदद की।
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
उन्होंने 1999 में भारत के लिए एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया, और 2001 में उन्होंने टेस्ट मैचों में भी कदम रखा।
दोहरे शतक
सहवाग ने 2008 में मुम्बई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 278 गेंदों में 300 रन बनाकर सबसे तेज दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया।
एकदिवसीय में 219 रन
उन्होंने 2011 में कलकत्ता में 219 रन बनाकर एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड स्थापित किया।
टी20 विश्व कप
सहवाग 2007 में भारत की पहली टी20 विश्व कप विजेता टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।
सहवाग की बल्लेबाजी शैली अत्यधिक आक्रामक थी। वह बिना किसी झिझक के गेंदबाजों पर हमला करते थे और अक्सर बाउंड्री के लिए खेलने में माहिर थे। उनकी स्वाभाविक पारी के चलते उन्हें "वीरू" के नाम से भी जाना जाता है।
संन्यास
सहवाग ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसके बाद, उन्होंने आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेला।
कमेन्ट्री और मीडिया
संन्यास लेने के बाद, सहवाग ने कमेंट्री और क्रिकेट विश्लेषण में करियर बनाया। वे विभिन्न टीवी चैनलों पर क्रिकेट विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं।
सहवाग ने कई सामाजिक कार्यों में भाग लिया है, विशेषकर शिक्षा और खेल के क्षेत्र में। उन्होंने अपने फाउंडेशन के माध्यम से गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की है।
"ईएसपीएन क्रिकीन्फो अवार्ड" - 2011
अर्जुन पुरस्कार - 2002
"विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड" - 2008, 2009
🏏 मुल्तान के सुल्तान, नजफगढ़ के नवाब और भारतीय क्रिकेट के बेधड़क ओपनर वीरेन्द्र सहवाग जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🎉
पहली ही गेंद पर चौका-छक्का लगाकर क्रिकेट फैंस का दिल जीतने वाले वीरू पाजी, ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे! 🎂✨
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वीरेन्द्र सहवाग
मुल्तान का सुल्तान (नजफगढ़ का नवाब)
2010