रामविलास पासवान - Ram Vilas Paswan

रामविलास पासवान भारतीय राजनीति का एक ऐसा बड़ा और लोकप्रिय चेहरा रहे, जिन्होंने हमेशा गरीब, शोषित और दलित समाज के हक के लिए आवाज उठाई। वे बिहार के खगड़िया से निकलकर देश की संसद तक पहुंचे और करीब पांच दशकों तक केंद्र की राजनीति में छाए रहे।

रामविलास पासवान जीवनी (Ram Vilas Paswan Biography)

नाम रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan)
ख्याति / पद वरिष्ठ भारतीय राजनेता, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
जन्म तिथि 5 जुलाई 1946
जन्म स्थान शहरबन्नी, खगड़िया जिला, बिहार, भारत
पिता जामुन पासवान
माता सिया देवी
करियर / राजनीतिक यात्रा 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से बिहार विधानसभा सदस्य; हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से कई बार रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर गिनीज बुक में नाम दर्ज; 8 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा सांसद; रेल, संचार, कोयला, रसायन एवं उर्वरक तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री; 6 अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में सेवा देने का अनूठा रिकॉर्ड; पद्म भूषण (2021, मरणोपरांत) से सम्मानित
पत्नी राजकुमारी देवी (प्रथम विवाह: 1960, 1981 में तलाक)
रीना शर्मा (द्वितीय विवाह: 1983)
संतान 4 संतान: 1 पुत्र (चिराग पासवान - केंद्रीय मंत्री एवं सांसद) एवं 3 पुत्रियाँ (उषा पासवान, आशा पासवान एवं निशा पासवान)
निधन 8 अक्टूबर 2020 (नई दिल्ली)

पासवान जी का जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया जिले के शाहरबन्नी गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से एमए और कानून की पढ़ाई पूरी की, और उनका चयन डीएसपी पद के लिए भी हो गया था, लेकिन उन्होंने वर्दी की जगह जनता की सेवा को चुना। निजी जिंदगी की बात करें तो उनका पहला विवाह राजकुमारी देवी से हुआ था, जिनसे उनकी दो बेटियां हुईं। बाद में उन्होंने रीना शर्मा से शादी की, जिनसे उनके बेटे चिराग पासवान हैं, जो आज उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

उनका राजनीतिक सफर 1969 में विधायक बनने के साथ शुरू हुआ और फिर 1977 में वे पहली बार भारी वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे। साल 2000 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) बनाई और बिहार की राजनीति में एक मजबूत धुरी बन गए। वे देश के छह अलग-अलग प्रधानमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री रहे, चाहे वी. पी. सिंह हों, देवगौड़ा, गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह या नरेंद्र मोदी। रेल, संचार और खाद्य आपूर्ति जैसे मंत्रालयों में रहते हुए उन्होंने आम लोगों की भलाई के लिए कई बड़े और राहत भरे फैसले लिए।

हाजीपुर सीट से रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीतने के कारण उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ, और राजनीति की नब्ज पहचानने के हुनर की वजह से लोग उन्हें 'मौसम वैज्ञानिक' भी कहते थे। देश और समाज के लिए उनके लंबे योगदान को देखते हुए साल 2021 में उन्हें मरणोपरांत 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। 8 अक्टूबर 2020 को वे इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनका पूरा जीवन संघर्ष, सहजता और जनसेवा की एक यादगार मिसाल बना हुआ है।

FAQ

रामविलास पासवान ने किस प्रमुख राजनीतिक दल की स्थापना की थी?

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा)।

2021 में उन्हें मरणोपरांत किस नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया?

पद्म भूषण।

रामविलास पासवान ने किस संसदीय क्षेत्र से रिकॉर्ड मतों से जीतकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था?

हाजीपुर (बिहार)।