भक्तमाल: मोरारी बापू
वास्तविक नाम - मोरारीदास प्रभुदास हरियाणी
अन्य नाम - बापू
गुरु - त्रिभुवनदास हरियाणी
आराध्य - श्री राम
जन्म - 25 सितंबर 1946 (आयु 76 वर्ष)
जन्म स्थान - महुवा, गुजरात के पास तालगाजरदा गांव
वैवाहिक स्थिति: विवाहित
पिता - प्रभुदास बापू हरियाणी
माता - सावित्री बेन हरियाणी
पत्नी - नर्मदाबेन हरियाणी
भाषा - हिंदी, गुजराती, अंग्रेजी
पेशा- रामचरितमानस प्रचारक
मोरारी बापू एक भारतीय आध्यात्मिक नेता और उपदेशक हैं। वह राम चरित मानस के एक प्रसिद्ध प्रतिपादक हैं और दुनिया भर में पचास वर्षों से अधिक समय से राम कथा का पाठ कर रहे हैं।
मोरारी बापू और उनके परिवार ने हिंदू वैष्णव परंपरा निम्बार्क संप्रदाय का पालन करते हैं। वह अपने दादा त्रिभुवनदास हरियाणी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते हैं। मोरारी बापू रामचरितमानस को उस स्थान पर सीखा जो अब चित्रकूटधाम के नाम से जाना जाता है। वह अपने प्राथमिक विद्यालय के दिनों में चौपाइयों को याद करके यात्रा करते समय हमेशा पाठ किया करते थे।
बापू 'प्रवाही परम्परा' में विश्वास करते हैं, 21वीं सदी में प्रगतिशील मानदंडों के लिए बोलते रहे हैं और उनका मानना है कि धार्मिक विश्वासों में कोई स्थिरता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर अपनी 60 साल की यात्रा के दौरान जब भी और जहां भी संभव हो, "अंतिम व्यक्ति" तक पहुंचने का प्रयास किया है। उन्होंने जेल में भी लोगों से मुलाकात की है। वह अपनी सामाजिक गतिविधियों के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं।

🌸🚩 "सत्य, प्रेम और करुणा" के पावन संदेश से जन-जन के जीवन को आलोकित करने वाले, पूज्य संत एवं सुप्रसिद्ध रामकथा मर्मज्ञ परम पूज्य मोरारी बापू जी को प्राकट्य दिवस / जन्मदिन की अनंत बधाई एवं सादर चरण वंदना! 🙏✨
अपनी अमृतमयी वाणी से 'मानस' की पावन गंगा को विश्व भर में प्रवाहित कर मानवता और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करने वाले बापू के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन की प्रभु श्री राम के चरणों में मंगलकामना करते हैं! 🏹🚩
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नोट: मोरारी बापू का पूरा लेख भारत की नम्बर 1 भक्ति ऐप भक्ति भारत के भक्तमाल सेक्शन से लिए गया है।
मोरारी बापू का असली नाम मोरारिदास प्रभुदास हरियाणी है।
मोरारी बापू के प्रवचनों और रामकथा का मूल आधार तीन मुख्य स्तंभों पर टिका है: सत्य, प्रेम और करुणा।
हाँ, मोरारी बापू विवाहित हैं और उनकी पत्नी का नाम नर्मदाबेन हरियाणी है।