दलेर मेहंदी भारतीय संगीत जगत के पंजाबी भांगड़ा और इंडी-पॉप संगीत के एक युगप्रवर्तक गायक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने 90 के दशक में अपनी अनूठी गायन शैली, ऊर्जावान डांस मूव्स और चमक - धमक पहनावे से भांगड़ा संगीत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई।
| पूरा नाम | दलेर सिंह मेहंदी |
| जन्म तिथि | 18 अगस्त 1967 |
| जन्म स्थान | पटना, बिहार, भारत |
| मूल निवास | पंजाब, भारत |
| पेशा | गायक, गीतकार, संगीतकार, रिकॉर्ड निर्माता |
| संगीत शैली | भांगड़ा, इंडी-पॉप, बॉलीवुड, सुगम संगीत |
| प्रसिद्ध उपनाम | किंग ऑफ भांगड़ा (King of Bhangra) |
| भाई | मीका सिंह (प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक) |
दलेर मेहंदी का जन्म बिहार के पटना में एक पारंपरिक सिख संगीतकार परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता शास्त्रीय संगीत के ज्ञाता थे, जिस कारण उन्हें बचपन से ही अपने आस - पास संगीत का माहौल मिला।
नाम के पीछे की कहानी: उनके माता-पिता ने उनका नाम डाकू 'डाकू दलेर सिंह' के नाम पर 'दलेर' रखा था। बाद में, जब वे मशहूर गायक परवेज़ मेहंदी के प्रशंसक बने, तो उन्होंने अपने नाम के आगे 'मेहंदी' जोड़ लिया।
संगीत की शिक्षा: मात्र 11 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने घर से भागकर गोरखपुर में उस्ताद राहत अली खान साहिब से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। 13 वर्ष की आयु में उन्होंने जौनपुर (उत्तर प्रदेश) में 20,000 से अधिक लोगों के सामने अपनी पहली स्टेज परफॉरमेंस दी थी।
दलेर मेहंदी का संगीत करियर भारतीय इंडी-पॉप इतिहास का सबसे स्वर्णिम अध्याय माना जाता है।
1995 में मैग्नासाउंड कंपनी के साथ उन्होंने अपना पहला एल्बम 'बोलो ता रा रा' लॉन्च किया। इस एल्बम ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और इसकी 20 लाख से अधिक प्रतियां बिकीं। इसके बाद 1996 में 'दर्दी रब रब' और 1997 में 'हो जाएगी बल्ले बल्ले' जैसे एल्बमों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर स्टार बना दिया।
जब आलोचकों ने कहा कि दलेर मेहंदी की सफलता का कारण उनके वीडियो में दिखने वाली खूबसूरत मॉडल हैं, तो उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए 1998 में 'तुनक तुनक तुन' गाना बनाया। इस वीडियो में केवल दलेर मेहंदी ने कंप्यूटर जनरेटेड (CGI) तकनीक का उपयोग करके अपने ही 4 अलग-अलग रूपों में डांस किया। यह गाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेट मीम कल्चर और वैश्विक पॉप संगीत का हिस्सा बन गया।
बॉलीवुड में उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर गानों को अपनी आवाज देकर उन्हें हिट बनाया।
रंग दे बसंती (फिल्म: रंग दे बसंती)
ना ना ना रे (फिल्म: मृत्युदाता - अमिताभ बच्चन के साथ)
दंगल (फिल्म: दंगल)
जियो रे बाहुबली (फिल्म: बाहुबली 2)
दलेर मेहंदी के करियर के साथ कुछ प्रमुख कानूनी और व्यक्तिगत विवाद भी जुड़े रहे। मानव तस्करी (कबूतरबाजी): दलेर मेहंदी और उनके भाई शमशेर सिंह पर आरोप लगा कि वे विदेश यात्राओं (म्यूजिक टूर) के दौरान लोगों को अपने ट्रूप का हिस्सा बनाकर अवैध रूप से विदेश (अमेरिका) भेजते थे। इस मामले में 2018 में पटियाला अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था और सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने उच्च अदालत में चुनौती दी।
बोलो ता रा रा (1995) - वह गाना जिसने भारतीय पॉप संगीत का ढांचा बदल दिया।
तुनक तुनक तुन (1998) - भारत का पहला CGI-आधारित संगीत वीडियो जो दुनिया भर में वायरल हुआ।
हो जाएगी बल्ले बल्ले (1997) - शादियों और उत्सवों का सबसे पसंदीदा भांगड़ा ट्रैक।
दंगल (2016) - आमिर खान की फिल्म का शीर्षक गीत, जो प्रेरणादायक और ऊर्जावान है।
रंग दे बसंती (2006) - ए.आर. रहमान के संगीत में देशभक्ति का एक प्रतिष्ठित गीत।