इसरो - ISRO

August 28, 2026
इसरो - ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) भारत की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसी है। 15 अगस्त 1969 को स्थापित इस संगठन ने सीमित संसाधनों से शुरुआत करके विश्व के अग्रणी अंतरिक्ष संस्थानों में अपना नाम दर्ज कराया है। डॉ. विक्रम साराभाई और प्रोफेसर सतीश धवन जैसे महान वैज्ञानिकों के दूरदर्शी नेतृत्व ने इसरो को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।


इसरो का इतिहास और स्थापना

  • स्थापना: 15 अगस्त 1969
  • संस्थापक: डॉ. विक्रम साराभाई (भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक)
  • मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक
  • प्राथमिक प्रक्षेपण केंद्र: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश

1963 में तिरुवनंतपुरम के थुम्बा से साइकिल और बैलगाड़ी पर रॉकेट के पुर्जे ले जाकर की गई शुरुआत आज स्वदेशी भारी रॉकेट जैसे LVM3 और PSLV के सफल प्रक्षेपण तक पहुंच चुकी है।


इसरो की प्रमुख ऐतिहासिक उपलब्धियां

  1. आर्यभट्ट (1975): भारत का पहला उपग्रह, जिसने अंतरिक्ष विज्ञान में देश के प्रवेश का शंखनाद किया।
  2. चंद्रयान-1 (2008): भारत का पहला चंद्रमा मिशन, जिसने चंद्रमा की सतह पर पानी के अणुओं (Water Molecules) की खोज कर इतिहास रचा।
  3. मंगलयान / MOM (2013-2014): अपने पहले ही प्रयास में और बेहद किफायती बजट में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना।
  4. 104 उपग्रहों का रिकॉर्ड (2017): PSLV-C37 रॉकेट के जरिए एक ही उड़ान में 104 सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया।
  5. चंद्रयान-3 (2023): चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत विश्व का पहला देश बना।
  6. आदित्य-L1 (2023): सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत की पहली समर्पित सौर वेधशाला (Solar Observatory)।

इसरो के मुख्य प्रक्षेपण यान (Launch Vehicles)

  • PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle): इसे इसरो का "वर्कहॉर्स" कहा जाता है, जिसने सैकड़ों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है।
  • GSLV / LVM3 (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle): भारी उपग्रहों और चंद्रयान/गगनयान जैसे जटिल मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इसरो का सबसे शक्तिशाली रॉकेट।
  • SSLV (Small Satellite Launch Vehicle): छोटे और कम वजनी उपग्रहों को तेजी से और कम लागत में लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया यान।

भविष्य के महत्वाकांक्षी मिशन

  • गगनयान (Gaganyaan): भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी है।
  • भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS): भारत का अपना स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना।
  • शुक्रयान (Shukrayaan): शुक्र ग्रह (Venus) के वातावरण और सतह का अध्ययन करने के लिए प्रस्तावित मिशन।

इसरो न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान में अग्रणी है, बल्कि NavIC (नेविगेशन), मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और दूरसंचार के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इसरो के अध्यक्ष – List of ISRO Chairperson

क्रमांक अध्यक्ष का नाम कार्यकाल प्रमुख उपलब्धियां
1 डॉ. विक्रम साराभाई
Dr. Vikram Sarabhai
1963 - 1971 भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक; INCOSPAR की स्थापना।
Father of the Indian Space Program; founded INCOSPAR.
2 प्रो. एम. जी. के. मेनन
Prof. M. G. K. Menon
Jan 1972 - Sep 1972 अंतरिम अध्यक्ष; कॉस्मिक किरणों पर शोध।
Interim Chairman; research in cosmic rays.
3 प्रो. सतीश धवन
Prof. Satish Dhawan
1972 - 1984 सबसे लंबा कार्यकाल (12 वर्ष); SLV-3 और INSAT प्रणाली की शुरुआत।
Longest-serving chief (12 years); led SLV-3 and INSAT system.
4 प्रो. यू. आर. राव
Prof. U. R. Rao
1984 - 1994 'आर्यभट्ट' का नेतृत्व और PSLV के विकास की नींव रखी।
Led Aryabhata satellite and initiated PSLV development.
5 डॉ. के. कस्तूरीरंगन
Dr. K. Kasturirangan
1994 - 2003 PSLV को पूरी तरह से चालू किया और GSLV का विकास किया।
Operationalized PSLV and developed GSLV.
6 जी. माधवन नायर
G. Madhavan Nair
2003 - 2009 भारत के पहले चंद्र मिशन 'चंद्रयान-1' का सफल संचालन।
Successfully led India's first lunar mission, Chandrayaan-1.
7 डॉ. के. राधाकृष्णन
Dr. K. Radhakrishnan
2009 - 2014 ऐतिहासिक 'मंगलयान' (Mars Orbiter Mission) का नेतृत्व।
Led the historic Mars Orbiter Mission (Mangalyaan).
- डॉ. शैलेश नायक
Dr. Shailesh Nayak
1 Jan 2015 - 12 Jan 2015 अंतरिम अध्यक्ष।
Interim Chairman.
8 ए. एस. किरण कुमार
A. S. Kiran Kumar
2015 - 2018 NavIC नेविगेशन प्रणाली और रिकॉर्ड उपग्रह प्रक्षेपण।
Deployed NavIC navigation system and record multi-satellite launches.
9 डॉ. के. सिवन
Dr. K. Sivan
2018 - 2022 चंद्रयान-2 मिशन और गगनयान कार्यक्रम की शुरुआत।
Oversaw Chandrayaan-2 and initiated Gaganyaan program.
10 डॉ. एस. सोमनाथ
Dr. S. Somanath
2022 - 2025 चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग और आदित्य-L1 मिशन।
Spearheaded Chandrayaan-3 lunar landing and Aditya-L1 solar mission.
11 डॉ. वी. नारायणन
Dr. V. Narayanan
2025 - Present भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) और गगनयान मिशनों का नेतृत्व।
Leading Bharatiya Antariksha Station (BAS) and Gaganyaan projects.